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बिहार की राजधानी पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जागरूकता अभियान और सुझाव

Posted On 10 Sep, 2016 में

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सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरुरी है की स्मार्ट सिटी बनने के लिए क्या मापदंड है और क्या पटना में भी वही सारे मापदण्डों पर काम हो रहा है .पिछले एक सप्ताह से जागरण समूह स्वक्षता एवं साफ़ सफाई पर लोगों को जागरूक करने का काम कर रहा है यह एक अच्छा पहल है इसमें संदेह नहीं की साफ़ सफाई का जिम्मा केवल सरकार का हीं नहीं है इसमें में जन भागीदारी जरुरी है , लेकिन जहाँ तक कूड़ा निस्तारण का का काम है वह तो सरकार के अधीन ही है और हमारे मुख्य मंत्री श्री नितीश कुमार का पूरा ध्यान अभी नशा बंदी पर है क्योंकि उनको उम्मीद है की नशा बंदी ही उनको प्रधानमंत्री की कुर्सी तक ले जाएगा अतः पटना को स्मार्ट सिटी बनाने का जिम्मा शायद उन्होंने अपने शहरी विकास मंत्री को दे दिया होगा . अखबार में हर रोज छप रहा है की मेयर अफजल इमाम मीटिंग कर रहें निगम के अधीकारियों के साथ, और कुछ कुछ निर्णय भी लिए जा रहें हैं लेकिन मेरी राय में इमाम साहब को बजाय मीटिंग करने के पटना शहर का एक बार डिटेल में मुआयना करने की जरुरत है वह अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वरिष्ठ लोगों के साथ जिन्होंने उनकी योजनाओं के अनुसार जमीन पर काम करना है ,और यह काम पटना जंक्शन स्टेशन से हीं शुरू किया जाना चाहिए पहले स्टेशन परिसर ही काफी गन्दा है .बाहर से कोई भी पटना आता है तो सबसे पहले पटना स्टेशन पर उतरता है और वहां उतारते ही उसका नजरिया पटना के बारे में बदल जाता है और समझ लेता है यह शहर कितना साफ़ होगा .जरूर वह राजभवन का इलाका नहीं देख पाता है जहाँ साफ़ सफाई का स्तर दिल्ली के लुटियन जोन से रत्ती भर भी कम नहीं है उसे सड़क किनारे पिशाब करते नजर आएंगे क्योंकि कहीं भी पिशाब घर नहीं बना .मेरी समझ से सबसे पहले कहाँ पिशाब घर की जरुरत है वहां इसकी ब्यवस्था अविलम्ब की जाये क्योंकि वहां से गुजरने पर सड़ांध बदबू का सामना लोगों को करना पड़ता है पटना स्टेशन पर एक बड़ा सुलभ शौचालय बनाने की जरुरत है ताकि स्टेशन परिसर में लोग खुले में पिशाब ना करें ऐसा प्रावधान तारा मंडल के पास भी जरुरी है . पूरे पटना शहर में सीवरेज निकासी का पुख्ता प्रबन्धन नहीं है पश्चिमी पटना का इलाका बड़ी तेजी से विकसित हो रहा है जो बेली रोड के दोनों तरफ उत्तर एवं दख्खिन दोनों तरफ हजारों की संख्या में अपार्टमेंट एवं मकान बने हुए हैं और रोज बनते जा रहें हैं लेकिन उनका सीवरेज का पानी मुख्य सड़क पर बहता रहता है निगम के लोग रोज इसे देखते हैं लेकिन उसके लिए कुछ भी नहीं करते . स्मार्ट सिटी बनाने से पहले शौचालय एवं पिशाबघर की आवश्यकता सबसे जरुरी है और सीवरेज को मेन नाले मेँ मिलाना भी निहायत जरुरी काम है .मेन होल जो खुले पड़े हैं उनमे से सीवरेज ओवरफ़्लो होकर बह रहा है उसको अविलम्ब ढकना चाहिए वर्ना रात के समय दुर्घटना भी घट सकती है कोई राहगीर रात मेँ वहां उसमें गिर सकता है ६ जमा ६ फिट के मेन होल तक खुले पड़े हैं इसको देखना हो तो बेली रोड से एक रोड उत्तर तरफ आता है जिसको गोखुला पथ भी कहते हैं उसमें ४ से पांच मेन होल बिना ढक्कन के हैं उनसे लगातार सीवरेज ३ -४ सालों से बह रहा है किसी का ध्यान इस तरफ नहीं .क्या मेयर जी जनता को बताएँगे की इन सब कार्यों को किये बिना पटना शहर कैसे स्मार्ट सिटी बन सकेगा कल के अखबार मेँ ही यह खबर छपी थी ” बिहार स्वक्षता मेँ सबसे निचे ” जिसमें बिहार को सबसे गन्दा राज्य घोषित किया गया है .क्या हमारे माननीय मुख्य मंत्री जनता को बताएँगे की इससे बिहार का गौरव बढ़ा है? और क्या बिहार की इस बदनामी को गंभीरता से लेने की जरुरत उनको नहीं लगती या फिर इस पर भी राजनीती करेंगे, जो गंदगी के लिए जिम्मेवार ब्यक्ति है उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या जनता को ही जिम्मेवार ठहराते रहेंगे पहले शहर साफ़ कैसे रहेगा उन सुविधाओं को मुहयिया कराईये फिर जनता की जिम्मेवारी क्या है यह बताईये . अगर इन बिंदुओं पर काम होगा तो शायद आगे चलकर अपना पटना भी साफ़ शहर बन जाएगा

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