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बिहार में बढ़ता अपराध जिम्मेवार कौन ?

Posted On: 10 Mar, 2016 में

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दैनिक जागरण के १० मार्च के पटना संस्करण के पृष्ठ १० पर एक खबर छपी है ” राजबल्लभ के भय से दुष्कर्म पीड़िता छात्रा नहीं देगी परीक्षा ” इस दुष्कर्म की घटना को १ महीने बीत गए अभी तक आर जे डी का दुष्कर्मी विधायक पकड़ा नहीं जा सका है पुलिस रात -दिन उसको (राजबल्लभ यादव ) खोज रही है और दिखावे के लिए राज्य सरकार कह रही है उसकी संपत्ति का कुर्की जब्ती किया जा रहा है लेकिन जनता के बीच यही चर्चा है की राजबल्लभ यादव किसी चूहे के बिल में नहीं घुस गया है, बल्कि बात कुछ और है उसको छिपाने वाले, बचाने वाले पुलिस को भी धमका रहें हैं , ख़बरदार कर रहें हैं उसको गिरफ्तार किया तो अंजाम तुमको(पुलिस)को भुगतना पड़ेगा भला कोई पुलिस का आला अधिकारी क्यों कर ऐसा जोखिम उठा सकता है . सोचने की बात यह है की राजबल्लभ एक चुने हुए विधायक हैं क्या? वे इस तरह लापता होकर रह सकते हैं? निश्चित तौर पर उनको संरक्षण मिल रहा है अगर सरकार या नेताओं को उस पीड़ित छात्रा की पीड़ा की जरा सी भी चिंता होती तो उसके घर जाकर सरकारी अधिकारी तथा पुलिस के आला अधिकारी उस परिवार को आसवस्त करते की लड़की जरूर परीक्षा देगी सुरक्षा सरकार और पुलिस मुहैया कराएगी खासकर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एवं राजद मुखिया लालू यादव उसके घर जाकर ऐसा कहते ताकि बिहार की जनता में यह सन्देश जाता की सरकार में कानून का राज है पर यहाँ के मुख्य मंत्री नितीश कुमार जब भी कोई लूट- पाट या हत्या की घटना घटती है तो आंकड़े लेकर बैठ जाते हैं और वर्षवार जनता को ब्यौरा बताते हैं की पहले की अपेक्षा राज्य में अपराध कम हुवा है. वे ऐसा क्यों नहीं कहते अपराधी कहीं भी छिपे हों , पुलिस उसको तुरंत बरामद कर लेगी क्या बिहार की पुलिस इतनी निकम्मी है अभी हाल ही में मनु महाराज राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजे गए हैं क्या उनका भी अब जोर नहीं चलता अपराधियों के ऊपर, क्यों नहीं शिवदीप लांडे को लाया जाता जिसके डर से अपराधी कापते हैं लांडे अपराधियों पर नकेल कसने में सक्षम हैं . यह बड़ी दुर्भाग्य पूर्ण परिस्थिति है प्रदेश की जनता फिरौती और अपहरण के दंश को झेलने को मजबूर है पिछले दिनों २ इंजीनियरों कोemul गोली मार दी गयी हत्यारे अब तक पकडे नहीं जा सके पुलिस केवल खानापूर्ति करती नजर आ रही है क्यूंकि लालू यादव और नितीश कुमार की महागठबंधन की सरकार अपराध का रिकार्ड बनाने जा अयन दिया रहा है और जनता को बताने जा रहा है की चुनाव के दौरान जंगल राज २ की वापसी कहते थे अब देखो कैसा ” जंगलराज ” होता है और ऐसे में लालू जी चुप्पी साढ़े हुए हैं केवल बी जे पी की गलती निकलने में लगे हैं अभी तक इस महागठबंधन की सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया की जनता को लगे की यहाँ सचमुच कानून का राज है नेताओं को ले देकर जे एन यू के कन्हईया और दलित मृत क्षात्र रोहित बेमुला की याद सता रही है देश में पुलिस वाले एवं सेना के जवान और अधिकारी देश को सुरक्षा प्रदान करने में हर रोज मर रहे हैं इन नेताओं कभी उनकी याद क्यों नहीं आती? कुछ वर्ष पहले बिहार के ही एक नेता जिनका नाम भीम सिंह है उन्होंने टेलीविजन पर बयान दिया था की फ़ौज में तो लोग मरने के लिए ही भर्ती होते हैं यह कितना असहनीय और अशोभनीय बयान है कोई उस नेता से पूछे की विधायक और एम पी लोग क्यों बनते हैं ? केवल जनता के पैसों को लूटने और उन पैसों से अकूत संपत्ति इकठ्ठा करने तथा जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे से राज भोगने के लिए ही तो बनते हैं और ऐसा इस देश की जनता को प्रतीत भी हो रहा है पता नहीं उनको कब यह सत्य मालूम होगा ?

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